रामू रावण या राम बने आचरण एक आधार जग आचरण देखकर ही पदवी देत विचार । रामू रावण या राम बने आचरण एक आधार जग आचरण देखकर ही पदवी देत विचार ।
जगत में होता अनवरत ही बदलाव, आती है जड़ता यदि आया ठहराव। जगत में होता अनवरत ही बदलाव, आती है जड़ता यदि आया ठहराव।
हमें क्या? हमने तो पंचशील गुटनिरपेक्ष को ताक पर रख दिया है। रूस से तो हमें बहुत कुछ सीखन... हमें क्या? हमने तो पंचशील गुटनिरपेक्ष को ताक पर रख दिया है। रूस से तो ह...
समझ सको तो समझ जाओ नकाब में छुपा दर्द कौन है, अब तुम सब भी जान जाओ। समझ सको तो समझ जाओ नकाब में छुपा दर्द कौन है, अब तुम सब भी जान जाओ।
भुलाके द्वेष-क्लेश सब, करें नमन निशान को सुयोग से मिली हमें, ये भू परम्परा की है। भुलाके द्वेष-क्लेश सब, करें नमन निशान को सुयोग से मिली हमें, ये भू परम्परा की...
वही असली शिक्षा कहाँ गुरु शिष्य प्रणाली की वो पवित्र परम्परा कहाँ आज इस रिश्ते को कलंक ... वही असली शिक्षा कहाँ गुरु शिष्य प्रणाली की वो पवित्र परम्परा कहाँ आज इस...